बजट : क्या पेट्रोल-डीजल के दाम घटेंगे? हो सकते हैं ये सात बड़े ऐलान

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नई दिल्ली : हर बार की तरह इस बार भी बजट से आम लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं और इस बार ऐसा लग रहा है कि सरकार (Government) महंगाई और टैक्स (Tax) के मोर्चे पर लोगों को कई बड़ी राहतें देने का ऐलान बजट में कर सकती है. इनमें सबसे बड़ा तोहफा तो टैक्स छूट के तौर पर मिलने की संभावना है. इसके तहत सरकार नए रिजीम में 10 लाख रुपये तक की सालाना इनकम को टैक्स फ्री कर सकती है. वहीं 15 लाख से 20 लाख रुपये के बीच की आमदनी को 30 परसेंट की जगह 25 फीसदी के नए टैक्स स्लैब में लाने का ऐलान भी किए जाने की संभावना है. इसके अलावा नई रिजीम के तहत बेसिक एग्जम्प्शन लिमिट को बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा सकता है. ये ऐलान ज्यादा से ज्यादा लोगों को नए टैक्स रिजीम को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे.

इसके बाद महंगाई का बोझ कम करने के लिए CII की सिफारिश को मानते हुए सरकार एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर सकती है, जिससे पेट्रोल और डीजल के दाम घट सकते हैं. फिलहाल पेट्रोल पर 19.90 रुपये और डीजल पर 15.80 रुपये एक्साइज ड्यूटी लगाई जाती है. वहीं PM किसान सम्मान निधि की रकम को भी बढ़ाने का एलान इस बार के बजट में किए जाने का अनुमान है. दरअसल, संसद की स्थायी समिति ने किसान सम्मान निधि को 6 हजार रुपये सालाना से बढ़ाकर 12000 रुपये करने की सिफारिश की है. इस योजना में फिलहाल करीब साढ़े 9 करोड़ किसानों को 3 किश्तों में 2-2 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं.

इसके बाद बारी आती है रोजगार से जुड़े एलानों की जिनके तहत अनुमान है कि सरकार CII की सिफारिशों के आधार पर ‘एकीकृत राष्ट्रीय रोजगार नीति’ ला सकती है जिसमें रोजगार देने वाले सभी मंत्रालयों की योजनाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाने का प्लान है. वहीं ग्रामीण इलाके के ग्रेजुएट्स के लिए इंटर्नशिप का ऐलान भी किया जा सकता है जिसके तहत सरकारी ऑफिसों में काम करने के लिए इंटर्नशिप का विकल्प मिल सकता है.

हेल्थ सेक्टर का बजट भी इस बार बढ़ाए जाने की योजना पर अमल किया जा सकता है. इसके तहत पिछले साल के करीब 91 हजार करोड़ रुपये के स्वास्थ्य बजट के मुकाबले इस बार 10 फीसदी ज्यादा रकम का आवंटन हो सकता है. वहीं मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने का ऐलान भी किया जा सकता है. इसके अलावा कुछ मेडिकल इक्विपमेंट्स पर इम्पोर्ट ड्यूटी भी कम की जा सकती है.

एक बड़ा ऐलान सस्ते घर खरीदने की प्राइस लिमिट बढ़ाने का भी हो सकता है. इसके तहत मेट्रो शहरों के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग की सीमा 45 लाख से बढ़ाकर 70 लाख रुपये की जा सकती है और बाकी शहरों के लिए ये सीमा 50 लाख रुपये की जा सकती है. वहीं होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली टैक्स छूट को भी 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा सकता है. इन रियायतों के जरिए सरकार भारत में 1 करोड़ सस्ते घरों की कमी को पूरा करने का काम कर सकती है जिसके 2030 तक बढ़कर 3.12 करोड़ होने का अनुमान है.

इन मुख्य एलानों के अलावा भी कई तरह की रियायतों का पिटारा इस बार के बजट में सरकार खोल सकती है, जिनमें प्रमुख हैं मोबाइल सस्ते करने के लिए कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े पार्ट्स की इम्पोर्ट ड्यूटी कम करना, सोने का आयात घटाकर व्यापार घाटा कम करने के लिए गोल्ड-सिल्वर पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाना, आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाना, अटल पेंशन योजना में पेंशन की रकम बढ़ाना, विदेशों में नौकरी दिलाने के लिए इंटरनेशनल मोबिलिटी अथॉरिटी बनाना और स्किल बेहतर करने और रोजगार पैदा करने के लिए स्टार्टअप्स की मदद करना. इसके अलावा देश के अंदर बेहतर शिक्षा के लिए बड़े एलान भी किए जाने का अनुमान है.

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