महाकुंभ : आज फिर प्रयागराज के दौरे पर CM योगी, मौनी अमावस्या की तैयारियों की करेंगे समीक्षा, आ सकते हैं 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालु
प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज फिर प्रयागराज के दौरे पर रहेंगे और वह मौनी अमावस्या से पहले तैयारी को लेकर समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री आज अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ-योगी महासभा में सम्मिलित होंगे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री कल्याण सेवा आश्रम में कल्याणदास जी महाराज (अमरकंटक) से भी वे भेंट करेंगे। इसके उपरांत अरैल घाट पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेंगे।
जानकारी दें कि, बीते 22 जनवरी बुधवार को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल के साथ तीर्थराज प्रयागराज में त्रिवेणी के संगम में पावन डुबकी लगाकर समूचे विश्व के कल्याण की कामना की थी। प्रदेश के नीतिगत मामलों पर चर्चा के लिए अरैल के त्रिवेणी संकुल में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने सबसे पहले त्रिवेणी संकुल में पूजा अर्चना की और इसके बाद मिनी क्रूज से संगम गए और हल्के फुल्के माहौल में संगम में डुबकी लगाई थी।
वहीं मुख्यमंत्री योगी के साथ दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, लक्ष्मी नारायण चौधरी, धर्मपाल और अनिल राजभर सहित सभी 21 मंत्रियों और शेष स्वतंत्र प्रभार वाले और राज्यमंत्रियों ने विधिवत संगम में स्नान और पूजन किया था। मुख्यमंत्री के साथ अल्पसंख्यक कल्याण मामलों के राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी, मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद ने भी संगम में डुबकी लगाई थी।
देखा जाए तो योगी सरकार में यह दूसरा अवसर है, जब पूरे मंत्रिमंडल ने एक साथ प्रयागराज कुंभ में संगम स्नान किया था। इससे पूर्व 2019 में भी आयोजित कुंभ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ संगम में आस्था की डुबकी लगाई थी। तब मुख्यमंत्री और समस्त मंत्रिमंडल के साथ अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि और अन्य साधु संतों ने भी संगम की पवात्र धारा में स्नान किया था।
मौनी अमावस्या की बात करें तो बीते 24 जनवरी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा था कि, महाकुंभ में आगामी 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान के दौरान प्रयागराज में 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पवित्र संगम में डुबकी लगाने का अनुमान है।
जानकारी दें कि, कुंभ में स्नान सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। वैसे तो मकर संक्रांति से शुरू होकर सभी दिन संगम में डुबकी लगाना पवित्र माना जाता है। फिर भी कुछ विशेष शुभ स्नान तिथियां हैं, जिन्हें ‘अमृत स्नान’ (जिसे पहले शाही स्नान कहा जाता था) के रूप में जाना जाता है। वहीं मकर संक्रांति के पर्व पर अब तक 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया है।