केदारनाथ मंदिर में तीर्थयात्री को मोबाइल या कैमरा ले जाने की नहीं दी जाएगी अनुमति, जाने से पहले पढ़ लें ये नियम
Kedarnath Temple: हिमालय की मनमोहक पहाड़ियों के बीच बसा खूबसूरत मंदिर केदारनाथ छह महीने क बाद अब दोबारा खुलने के लिए तैयार है। यह मंदिर हिंदू धर्म में सबसे पवित्र स्थल माना जाता है जो चार धाम यात्रा का हिस्सा है। यहां पर हर साल श्रद्धालु यात्रा करने के लिए दूर-दूर से आते हैं। केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है जो करीब 11968 फीट की ऊंचाई पर है। बता दें कि यह मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। इस साल यानी 2025 में यह मंदिर भक्तों के लिए 2 मई से खुलने जा रहा है। लेकिन अगर आप यहां पर जाने वाले हैं तो इससे पहले कुछ जरूरी नियमों को जान लेना चाहिए। दरअसल मंदिर परिसर में रील या वीडियो बनाने वालों पर सख्त एक्शन लिया गया है।
मोबाइल फोन और कैमरे पर लगी रोक
सोशल मीडिया का बढ़ता ट्रेंड धार्मिक जगहों की पवित्रता को भंग करता हुआ नजर आ रहा है। जिसकी वजह से मंदिर में लोग रील बनाने को लेकर सख्त पाबंदियां लागू कर रहे हैं। इसी तरह पिछले साल केदारनाथ मंदिर में देखा गया कि कई लोग रील या वीडियो बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल इन रीलों को देखने के बाद मंदिर समिति को लगा कि यह मंदिर की छवि को खराब कर रहा है। इस वजह से इस साल मंदिर समिति ने यह फैसला लिया कि मंदिर में मोबाइल और कैमरा पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा। मंदिर के 30 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन और कैमरा ले जाने पर रोक लगा दी गई है।
अगर आप बिना बताए चोरी छिपे भी केदारनाथ मंदिर में रील या वीडियो बनाते हुए पाए गए तो ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ उनको मंदिर में भगवान के दर्शन से भी वंचित किया जाएगा और वापस भेज दिया जाएगा। इन नए नियमों के अनुसार इस साल श्रद्धालुओं को सोशल मीडिया से जुड़ा कोई भी डिवाइज ले जाने की अनुमति नहीं है।
क्यों बनाया गया यह नियम
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कहना है कि मंदिर की सुंदरता, भक्ति और पवित्रता को बनाए रखना पहली प्राथमिकता है। इस वजह से मंदिर परिसर में किसी भी तीर्थयात्री को मोबाइल या कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे में तीर्थयात्रियों को मंदिर के नए नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है। ऐसा नहीं करने वालों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। जिसे अन्य श्रद्धालु आराम से दर्शन कर सकें। केदारनाथ मंदिर में आने वाले भक्तों को कड़ी चेकिंग से गुजरना होगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी के पास भी मोबाइल या कैमरा नहीं है। इस साल समिति ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।