पीएम मोदी 24 अप्रैल को पहुंचेंगे मधुबनी, हवाई अड्डे का करेंगे शिलान्यास; बिहार को मिलेगी कई विकास परियोजनाओं की सौगात
पटना : बिहार में इस साल के अंत में चुनाव होना है। ऐसे में पीएम मोदी समेत बीजेपी के कई नेता लगातार बिहार का दौरा कर रहे हैं। पिछले महीने पीएम मोदी बिहार पहुंचकर बिहारियों को कई सारे योजनाओं की सौगात दिए थे। फिर उसके बाद राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह भी बिहार का दौरा किए और कई सारे योजनाओं का उद्घाटन किए। इससे तो एक बात साफ समझ आता है कि भाजपा बिहार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कर संभव कोशिश करने कर रही है।
इस बीच अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को एक बार फिर बिहार दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे मधुबनी के भौड़ागढ़ी स्थित हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल का शिलान्यास करेंगे। वर्षों से बंद पड़े इस एयरपोर्ट का पुनरुद्धार मिथिला क्षेत्र के लिए विकास का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पीएम मोदी इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण योजनाओं की भी घोषणा करेंगे, जिनमें सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं।
सम्राट चौधरी और ललन सिंह ने की खास बैठक
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने पीएम मोदी के दौरे को लेकर मधुबनी में एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई। सम्राट चौधरी ने बताया कि प्रशासन पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहा है ताकि यह आयोजन ऐतिहासिक और यादगार बन सके। उन्होंने कहा कि बिहार को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ है, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।
मिथिला को मिलेगी नई उड़ान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मधुबनी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का शिलान्यास करेंगे। यह हवाई अड्डा क्षेत्र के आर्थिक और पर्यटन विकास में मील का पत्थर साबित होगा। वर्षों से बंद पड़े इस हवाई अड्डे के पुनरुद्धार से मिथिला क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बल मिलेगा। इसके अलावा, पीएम मोदी ग्रामीण विकास से जुड़ी कई योजनाओं का शुभारंभ भी करेंगे, जिससे सड़क, पेयजल और बुनियादी ढांचे में सुधार होगा।
सभा स्थल का निर्धारण जल्द
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए संभावित सभा स्थलों पर विमर्श जारी है। प्रशासन ने मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल और अररिया से भारी भीड़ जुटने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए ट्रैफिक और सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सौराठ, लोहट, हवाई अड्डा और झंझारपुर के भैरवस्थान जैसे संभावित स्थलों पर चर्चा हुई। प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा, लेकिन भैरवस्थान के सभा स्थल के रूप में चयन की अधिक संभावना है।