यूपी के CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, जो सड़क पर नमाज पढ़ने की बात करते हैं, वह हिन्दुओं से अनुशासन सीखें
लखनऊ : इन दिनों देश में हिन्दू-मुस्लिम को लेकर राजनीतिक बयान तेज हो गए हैं। कई भाजपा नेताओं ने सड़क पर नमाज अदा करने पर रोक लगाए जाने की मांग भी सरकार से उठाई है। उत्तर प्रदेश में भी इस प्रकार की मांग की गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सड़कें चलने के लिए होती है नमाज पढ़ने के लिए नहीं। सीएम योगी ने कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं लेकिन आम जनता का ख्याल और सुविधाओं का ध्यान रखना प्राथमिकता है।
योगी आदित्यनाथ ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में अपनी सरकार की कार्य प्रणाली के साथ ही सीएम पद और अपने राजनीतिक करिअर को लेकर भी खास बात कही। उन्होंने कहा कि सीएम की कुर्सी कोई हमेशा के लिए मुझे थोड़े ही दी गई है। हर पांच साल पर चुनाव होता है किसी को भी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
सीएम योगी ने कहा- हिन्दुओं से अनुशासन सीखना चाहिए
सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर योगी सरकार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर नमाज अदा करने की बात करना अनुचित है। उन्होंने कहा कि जो लोग सड़क पर नमाज पढ़ने की बात करते हैं उन्हें हिन्दुओं से अनुशासन सीखना चाहिए। महाकुंभ के दौरान करोड़ों की संख्या में श्रद्दालु संगम स्नान के लिए प्रयागराज आए थे। सभी बहुत ही संयमित होकर सड़क पर चले। कहीं कोई झगड़ा, मारपीट, दुर्घटना या अव्यवस्था नहीं फैलने पाई। यही वजह है कि महाकुंभ का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सरकार और प्रशासन को सभी की सुविधा देखनी है
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं किसी एक वर्ग विशेष के लिए सभी को असुविधा में नहीं डाल सकता। मुझे पूरे प्रदेश के लोगों को हर जरूरी सुविधा उपलब्ध करानी है। सड़कों पर यदि नमाज पढ़ी जाएगी तो यातायात व्यवस्था का क्या होगा। बेवजह ट्रैफिक जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ेगा। इससे हर व्यक्ति को असुविधा होगी। नमाज मस्जिदों में पढ़ें अन्यथा घर पर भी पढ़ सकते हैं।
पीएम बनने के सवाल पर क्या बोले योगी
योगी आदित्यनाथ ने पीएम बनने को लेकर राजनीतिक गलियारों में हो रही चर्चा पर पहली बार बात रखी है। उन्होंने कहा है कि मैं यूं तो एक संन्यासी हूं। योगी हूं, इसलिए राजनीति मेरी प्राथमिकता नहीं है। हां, फिलहाल मुझे उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई जिसका मैं निर्वहन कर रहा हूं। अगली बार जिसे ये कार्य सौंपा जाएगा वो करेगा। मैं फिर अपने मठ लौट जाउंगा।