नई दिल्लीः लोकसभा में सोमवार दोपहर वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश किया गया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू प्रश्नकाल के बाद दोपहर इसे सदन में चर्चा के लिए पेश किया। स्पीकर ओम बिरला ने बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय तय किया है। इसमें से NDA को 4 घंटे 40 मिनट दिए गए हैं, बाकी वक्त विपक्ष को मिला है।
इस बिल के खिलाफ समूचा विपक्ष यानी INDIA गठबंधन है, जिसमें काग्रेंस, समाजवादी पार्टी व तृणमूल कांग्रेस जैपी पार्टियां शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ अमित शाह और नरेंद्र मोदी NDA गठबंधन के प्रमुख सहयोगियों की मदद से इस बिल को लोकसभा में किसी भी तरह से पास कराना चाहेंगे।
संसद में जाते समय केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन(ललन सिंह) ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक आज लोकसभा में पेश किया जाएगा। ललन सिंह ने कहा, “हम संसद में अपना रुख बताएंगे। जेडी(यू) और सीएम नीतीश कुमार को कांग्रेस से धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा सीखने की जरूरत नहीं है।”
वहीं बिल पेश करते हुए कांग्रेस सांसद ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस बिल में संशोधन मेंबर्स से भी लिए जाने चाहिए थे। उनसे पूछा जाना था। संशोधन के लिए वक्त दिया जाना चाहिए था। वक्त मिला ही नहीं। इस सदन में कभी ऐसा कभी हुआ। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा- मैंने जितना समय गैर-सरकारी संशोधनों को दिया है, उतना ही गैर सरकारी संशोधनों को दिया। दोनों में कोई अंतर नहीं किया गया।
सांसदों का समीकरण
लोकसभा में NDA के 293 सांसद हैं। INDIA गठबंधन के पास 235 सांसद हैं, जिसमें अन्य को भी जोड़ दें तो ये संख्या 249 तक पहुंच जाती है। जबकि बहुमत का नंबर 272 है। विपक्ष को उम्मीद है कि अगर 16 सांसदों वाली टीडीपी और 12 सांसदों वाली जेडीयू वक्फ बिल का विरोध कर दे तो गेम पलट सकता है। क्योंकि तब NDA का नंबर घटकर 265 हो जाएगा और बिल के विरोध में नंबर 277 पहुंच जाएगा।